Tag Archives: Tukde Tukde gang

Tukde Tukde hum nahin, tumhara tootna mumkin hai

टुकड़े टुकड़े हम नहीं, तुम्हारा टूटना मुमकिन है
– उमेश श्रिनिवसन

यह जो बैर के पहाड़ खड़े किए हैं तुमने
सोचा होगा के हैं हिमालय से भी बुलंद
हम नहीं जियेंगे इनके साए में
नफ़रत के टुकड़े कर देंगे

टुकड़े टुकड़े हम नहीं, तुम्हारा टूटना मुमकिन है

जाओ रेंगते उसी गुफाह में
जहाँ से साँप बनकर निकले हो
तुम्हारा ज़हेर ना होगा हमसे हज़म
आतंकवाद के टुकड़े कर देंगे

टुकड़े टुकड़े हम नहीं, तुम्हारा टूटना मुमकिन है

खून बहाया, मौत भी बाँटा
अब खामोशी में बर्दाश्त नहीं
ना होगा ख़त्म हमारे खून का कोष
भेदभाव के टुकड़े कर देंगे

यह टुकड़े टुकड़े हम नहीं, तुम्हारा टूटना मुमकिन है

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An anthem for the times: Madara’s Tukde Tukde gang

Nothing like music to communicate the anger and passion which sparks within. As the year winds down and the anger runs high, hip-hop artist Rahul Negi, who raps under the name Madara has released what I think will find a huge following among the political churning ongoing among several young people in the country. The rap communicates what has been said in many ways in the last months to year: that a manipulative, divisive and malicious narrative of pitting people against one another will eventually be exposed for what it is.

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